Jawab Jinka Nahin

जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं
जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं
जो देखने में नहीं कुछ, कमाल होते हैं
जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं

तराशता हूँ तुझे जिन में अपने लफ़्ज़ों से
तराशता हूँ तुझे जिन में अपने लफ़्ज़ों से

बहुत हसीन मेरे वो ख़याल होते हैं
बहुत हसीन मेरे वो ख़याल होते हैं
जो देखने में नहीं कुछ, कमाल होते हैं
जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं

हसीन होती हैं जितनी बला की दो आँखें
हसीन होती हैं जितनी बला की दो आँखें

उसी बला के उन आँखों में जाल होते हैं
उसी बला के उन आँखों में जाल होते हैं
जो देखने में नहीं कुछ, कमाल होते हैं
जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं

वो गुनगुनाते हुए यूँ ही जो उठाते हैं
वो गुनगुनाते हुए यूँ ही जो उठाते हैं

क़दम कहाँ, वो क़यामत की चाल होते हैं
क़दम कहाँ, वो क़यामत की चाल होते हैं
जो देखने में नहीं कुछ, कमाल होते हैं
जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं
जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं



Credits
Writer(s): Farhat Shahzad, Altaf-e-haidar
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