Kuchh Hamare Hai

कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
हम दोनों के सपने कितने प्यारे हैं

कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
हम दोनों के सपने कितने प्यारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं

इनमें उस अरमाँ का नूर है
जो दिल में पलता रहा
वो रंगीं नग़्मा जो होंठ में
दबके मचलता रहा

जल्वे तमाम आज़ाद हैं
हम दिल के हैं बादशाह

कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
हम दोनों के सपने कितने प्यारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं

देखो, ज़रा ऐसे झूम के
क्यूँ डोलती है बहार?
यूँ है कि आज इस तरंग में
शामिल है अपनों का प्यार

यूँ ही नहीं खुल खेली है
ज़ुल्फ़ों से बाद-ए-सबा

कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
हम दोनों के सपने कितने प्यारे हैं

कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं
हम दोनों के सपने कितने प्यारे हैं
कुछ तुम्हारे हैं, कुछ हमारे हैं



Credits
Writer(s): Javed Akhtar, Nagrath Rajesh Roshan
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