Main Adhuri Si Ek Udasi Hoon

मैं अधूरी सी एक उदासी हूँ
मैं ख़्वाब हूँ या ख़्वाब की प्यासी हूँ?
मैं अधूरी सी एक उदासी हूँ
मैं ख़्वाब हूँ या ख़्वाब की प्यासी हूँ?

भूरे-भूरे बादलों के पीछे से आए कभी
छीटें उड़ाए कभी
पानी का गोला है, आँखों में घोला है
कोई, मेरा कोई
मैं अधूरी सी एक उदासी हूँ

ख़ुशबू सी निकलती है तन से
जैसे कोई गुज़रे बदन से
ओ, ख़ुशबू सी निकलती है तन से
जैसे कोई गुज़रे बदन सी
साँसों से उतरेगा शायद कभी, कभी वो

भूरे-भूरे बादलों के पीछे से आए कभी
छीटें उड़ाए कभी
आँखों का सपना है, बोले तो अपना है
कोई, मेरा कोई
मैं अधूरी सी एक उदासी हूँ

आसमाँ का कोना एक उठाके
चूमता है नींद से जगा के
हाँ-हाँ, आसमाँ का कोना एक उठाके
चूमता है नींद से जगा के
चाँद से उतरेगा शायद कभी, कभी वो

भूरे-भूरे बादलों के पीछे से आए कभी
छीटें उड़ाए कभी
गरजे तो औरों का, बरसे तो अपना है
कोई, मेरा कोई

मैं अधूरी सी एक उदासी हूँ
मैं ख़्वाब हूँ या ख़्वाब की प्यासी हूँ?

भूरे-भूरे बादलों के पीछे से आए कभी
छीटें उड़ाए कभी
पानी का गोला है, आँखों में घोला है
कोई, मेरा कोई



Credits
Writer(s): Gulzar
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