Mujhe Ishq Sikha Karke

मुझे इश्क़ सिखा करके रुख़ मोड़ तो ना लोगे?
रखो हाथ मेरे दिल पे, कहो कभी छोड़ तो ना दोगे?

किसी और के मत होना तुम, जीते-जी मैं मर जाऊँगी
जो तुमने नज़र फेरी तो मैं टूट बिखर जाऊँगी
बाखुदा तू मेरा, तू मेरा रहबरा

मायूस कभी हो जाऊँ तो आ के हँसाना तुम
कभी रूठ गई तुमसे तो मुझे आ के मनाना तुम
सीने से लगा के रखना धड़कन की तरह, हरदम
मेरा इश्क़ रूहानी तुमसे, सुन जज़्ब मेरे, हमदम

दिल बोल रहा है तुमसे, "साँसों में उतर जाओ
जितना तुम्हें चाहूँ मैं उतना मुझे तुम चाहो"
बाखुदा तू मेरा, तू मेरा रहबरा



Credits
Writer(s): Sanjeev Darshan, Sanjeev Ajay
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