Krishna Teri Nagari

गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो
(राधा रमण हरी गोपाल बोलो)
(गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो)
(राधा रमण हरी गोपाल बोलो)

कृष्ण तेरी नगरी प्रेम रथ
गरज़-बरस बरसे
गरज़-बरस बरसे

सावन की बूंदों सा भिगोवे
मन-वन कोई तरसे
प्रेम रथ, गरज़-बरस बरसे

तेरे धुन में सब मतवारे
डगर-डगर और द्वारे-द्वारे
घर मंदिर शृंगार हो तेरा
घर मंदिर शृंगार हो तेरा
चंदन की सरक से

कृष्ण तेरी नगरी प्रेम रथ
गरज़-बरस बरसे
गरज़-बरस बरसे

(गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो)
(राधा रमण हरी गोपाल बोलो)
(गोविंद बोलो हरी गोपाल बोलो)
(राधा रमण हरी गोपाल बोलो)



Credits
Writer(s): Ripul Sharma
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