Tu Hi Tu

(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)

तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू
तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)

हसीं तस्बीह के दानों में, परिंदों की उड़ानों में
ज़र्रों में, चट्टानों में (ज़र्रों में, चट्टानों में)
जहाँ की हर ज़बानों में, मैं कहूँ, "हर शय में..."
मैं कहूँ, "हर शय में तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू"

(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)

हसीं तस्बीह के दानों में, परिंदों की उड़ानों में
ज़र्रों में, चट्टानों में (ज़र्रों में, चट्टानों में)
जहाँ की हर ज़बानों में, मैं कहूँ, "हर शय में..."
मैं कहूँ, "हर शय में तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू"

(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)

तमन्नाओं के सहरा में हसीं गुलज़ार देखा है
तमन्नाओं के सहरा में हसीं गुलज़ार देखा है
मेरी नज़रो ने जिस दिन से तेरा दरबार देखा है
(देखा है), देखा है (हाँ, देखा है), हाँ, देखा, हाँ, देखा
(मेरे मौला), हो, देखा है (हाँ, देखा है)

तूझे देखा नहीं लेकिन तूझे महसूस करते हैं
तेरा दीदार हो हासिल, तमन्ना दिल में रखते हैं
तमन्ना दिल में रखते हैं, तमन्ना दिल में रखते हैं
(तमन्ना दिल में रखते हैं, तमन्ना दिल में रखते हैं)
(तमन्ना दिल में रखते हैं, तमन्ना दिल में रखते हैं)
إِنَّ اللّهَ مَعَ الصَّابِرِينَ
(तमन्ना दिल में रखते हैं, तमन्ना दिल में रखते हैं)
दूर रह कर भी है...

(रू-ब-रू, रू-ब-रू, रू-ब-रू), रू-ब-रू
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू), तू ही तू
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)

जो दिल से माँगी जाती है दुआ ख़ाली नहीं जाती
जो दिल से माँगी जाती है दुआ ख़ाली नहीं जाती
तेरे वादों में है शामिल कि ये टाली नहीं जाती
(तेरा जल्वा) सितारों में, (तेरा जल्वा) बहारों में
(मेरे मौला), नज़ारों में (तेरा जल्वा)

तू जिस दिल की भी दुनिया में मोहब्बत बनके है शामिल
वो अपनी ख़्वाहिशों के ख़्वाब को क्यूँ ना करे हासिल
कहो क्यूँ ना करे हासिल, कहो क्यूँ ना करे हासिल
(कहो क्यूँ ना करे हासिल, कहो क्यूँ ना करे हासिल)
मेरे मौला, करम फ़रमा
(कहो क्यूँ ना करे हासिल, अजी, क्यूँ ना करे हासिल)
(कहो क्यूँ ना करे हासिल, कहो क्यूँ ना करे हासिल)
दिल को है बस तेरी...

(जुस्तुजू, जुस्तुजू, जुस्तुजू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)

हसीं तस्बीह के दानों में, परिंदों की उड़ानों में
ज़र्रों में, चट्टानों में (ज़र्रों में, चट्टानों में)
जहाँ की हर ज़बानों में, मैं कहूँ, "हर शय में..."
मैं कहूँ, "हर शय में तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू"

तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू
तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू

(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)

(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू), मेरे मौला
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू), मेरे आक़ा
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू), मेरे मौला
(तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू)



Credits
Writer(s): Anjaan Sameer, Pandit Lalitraj Pratapnarayan, Pandit Jatin, Maroo, Ansari Israr
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