Zindagi Ki Yahi Reet Hai (Sad)

खेलते-खेलते एक तितली ना जाने कहाँ खो गई
खेलते-खेलते एक तितली ना जाने कहाँ खो गई
एक नन्ही किरन क्यूँ अँधेरे में यूँ सो गई?

सब की आँखों में फ़रियाद है
सब के दिल में तेरी याद है
तू नहीं है, तेरी प्रीत है
ज़िंदगी की यही रीत है

ज़िंदगी की यही रीत है
ज़िंदगी की यही रीत है



Credits
Writer(s): Javed Akhtar, Laxmikant Kudalkar, Sharma Pyarelal
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