Thok De Killi

ਚਾਰੋਂ ਪਾਸੇ ਤੇਰੇ ਹਨੇਰਾ
ਮੀਲੋਂ ਦੂਰ ਸਵੇਰਾ ਵੇ
ਕਿਵੇਂ ਪਾਰ ਕਰੇਂਗਾ ਕਾਲ਼ੇ-ਕਾਲ਼ੇ ਰਸਤੇ?
ਓ, ਤੇਰੇ ਅੰਦਰ ਡਰ ਦਾ ਡੇਰਾ ਵੇ

ਇੱਕ ਬਾਤ ਜਾਣ ਲੇ, ਰਾਹੀਆ
तुझ को है ख़ुद से लड़ना
ਤੇਰੇ ਅੱਗੇ-ਪਿੱਛੇ ਨਾ ਕੋਈ
तुझे ख़ुद से आगे बढ़ना

ਇੱਕ ਬਾਤ ਜਾਣ ਲੇ, ਰਾਹੀਆ
तुझ को है ख़ुद से लड़ना
ਤੇਰੇ ਅੱਗੇ-ਪਿੱਛੇ ਨਾ ਕੋਈ
तुझे ख़ुद से आगे बढ़ना

तूने ठाना है, आग को चीर के जाना है
सपने तेरे चोंच मुसाफ़िर, मंज़िल दाना है
मिट्टी पे गिरते रहें...
मिट्टी पे गिरते रहें क़तरे तेरे पसीने के

ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे
ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे

ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे
ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे

चलता जा, तू चलता जा
धूप-छाँव में ढलता जा (ਰਾਹੀਆ)

चलता जा, तू चलता जा
धूप-छाँव में ढलता जा
दिक्कत तेरी चींटी जैसी
पैरों तले मसलता जा

जाना है तुझ को दूर
क़िस्मत को कर मजबूर
राहों में जो भी पत्थर हैं
उन्हें करता जा तू चूर-चूर

तूने ठाना है, आसमानों को पाना है
चाँद पे तेरी ज़मीं मुसाफ़िर, वही ठिकाना है
हवा पे रख ले पैरों को
हवा पे रख ले पैरों को, रस्ते यही है जीने के

ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे
ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे

ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे
ठोक दे किल्ली, ठोक दे किल्ली
आसमान के सीने पे



Credits
Writer(s): Kumaar
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