Bum Akad Bum Ke - Jhankar

ऐ, मेरा सर है, तबला नहीं
ज़रा हल्के, हल्के, हाँ

बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए
बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए

तन की थकन मैं दूर करूँ
मन में नयी उमंग भरूँ
तक-धिना-धिन, तक-धिना-धिन
तक-धिना-धिन, धिधिन-धिधिन

बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए

दुनिया है क्या, circus नया
कुछ भी नहीं joker हैं हम
दुनिया है क्या, circus नया
कुछ भी नहीं joker हैं हम

तुम जो बोलो वो करके दिखाऊँ
उँगली पे सारे जग को नचाऊँ
कह रहे हैं ज़मीं-आसमाँ
"ऐसा परिवार होगा कहाँ"

इस घर पे मेरा सबकुछ निसार है

बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए
बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए

मालिक हो तुम, सेवक हूँ मैं
इस बात का मुझको है ग़म
मालिक हो तुम, सेवक हूँ मैं
इस बात का मुझको है ग़म

दिल बहलाता रहूँ ऐसे गाके
ख़िदमत करता रहूँ सर झुका के
माँ ने दी है मुझे ज़िंदगी
गाने से मुझको शोहरत मिली

गाँव मेरे गीतों का संसार है

बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए
बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए

तन की थकन मैं दूर करूँ
मन में नयी उमंग भरूँ
तक-धिना-धिन, तक-धिना-धिन
तक-धिना-धिन, धिधिन-धिधिन

बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए
बम अकड़ बम के, मैं चंपी करूँ जम के
तो बंद अक़्ल सब की खुल जाए



Credits
Writer(s): Sameer Anjaan, Anand Chitragupta Shrivastava, Milind Chitragupta Shrivastava
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link