Peele Amiras - Sabr

झड़ी लगी, आ, झड़ी लगी
झड़ी लगी, आ, झड़ी लगी
अजी, पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

झड़ी लगी, आ, झड़ी लगी
झड़ी लगी, आ, झड़ी लगी

पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

हाँ, बूँद का प्यासा घड़ा भर पाया
सपने में वो स्वाद ना आया
बूँद का प्यासा घड़ा भर पाया
सपने में वो स्वाद ना आया

कहो, किसे, कैसे समझावे?
कहो, किसे, कैसे समझावे?
एक बूँद की तरण लगी

पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
अजी, बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

(पीबे रे पानी, पीबे रे पानी)
(पीबे रे पानी, पीबे रे पानी)

अरे, प्यास बिना क्या (पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी)
पीवे रे पानी, होय (पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी)
अरे, प्यासे के लिए है (पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी)
ये पानी (पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी, पीबे रे पानी)

(पीबे रे पानी, पीबे रे पानी)
क्या? (पीबे रे पानी), हाँ, (पीबे रे पानी)

प्यास बिना क्या पीवे रे पानी
प्यासे के लिए है ये पानी
प्यास बिना क्या पीवे रे पानी
प्यासे के लिए है ये पानी

बिन अधिकार कोई नहीं जानी
बिन अधिकार कोई नहीं जानी
बिन अधिकार कोई नहीं जानी
हाँ, अमृत रस की झड़ी लगी

पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

बूँद में रस गुरूजी की वाणी
जीवन रस्ता है ये वाणी
बूँद में रस गुरूजी की वाणी
जीवन रस्ता है ये वाणी

कबीर संगत में हो हमारी
कबीर संगत में हो हमारी
डाली प्रेम की हरी लगी

पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
पीले अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी
बरसे अमीरस धारा
गगन मा झड़ी लगी

गगन मा झड़ी लगी
गगन मा झड़ी लगी
गगन मा झड़ी लगी
गगन मा झड़ी लगी



Credits
Writer(s): Mukund Ramaswamy, Neeraj Arya, Piyush Acharya, Poubuanpou Britto Khangchian, Traditional, Vikram Brahmankar, Viren Solanki
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