Naghmon Ke Rang

नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है
लिखा है मैंने जो भी, वो महफ़िल के नाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है
लिखा है मैंने जो भी, वो महफ़िल के नाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है

रुख़ मोड़ दे हवा का जो इंसान है वही
रुख़ मोड़ दे हवा का जो इंसान है वही

मेरा तमाम दोस्तों को ये पयाम है
लिखा है मैंने जो भी, वो महफ़िल के नाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है

अरमाँ है मंज़िलों से भी आगे गुज़रने का
अरमाँ है मंज़िलों से भी आगे गुज़रने का

मंज़िल तलक पहुँचना तो एक बात आम है
लिखा है मैंने जो भी, वो महफ़िल के नाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है

वादे-इरादे जिनके बदलते नहीं कभी
वादे-इरादे जिनके बदलते नहीं कभी

हर वक़्त फिर ये वक़्त तो उनका ग़ुलाम है
लिखा है मैंने जो भी, वो महफ़िल के नाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है

नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है
लिखा है मैंने जो भी, वो महफ़िल के नाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है
नग़्मों के रंग बिखरे हैं, ग़ज़लों की शाम है



Credits
Writer(s): Sameer Sen, Dilip Sen, Dev Dev
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link