Kuch Parbat Hilaayein

वो तूफ़ान क्या
चट्टानें जिसका मोड़ दे
वो उड़ान क्या

जो ऊँचाई पे दम तोड़ दे
खुद पे है भरोसा रखना तुझे
जीते जी नहीं है रुकना तुझे
इतिहास है लिखना तुझे

कुछ पर्बत हिलाए तो बात है
कुछ पर्बत हिलाए तो बात है

सोना है तू तप कर जो जगमगाएगा
नामुमकिन को जो मुमकिन कर के दिखायेगा
तुझ को निभाना किरदार है

तेरा दर्द तेरा हथियार है
लड़ने को तू हू तैयार है

कुछ पर्बत हिलाए तो बात है
कुछ पर्बत हिलाए तो बात है
कुछ पर्बत हिलाए तो बात है
कुछ पर्बत हिलाए तो बात है

तेरे जाने के बाद भी नाम तेरा जिंदा रहे
कारनामा कुछ ऐसा तुझको करना है, करना है

कुछ पर्बत हिलाए तो बात है
कुछ पर्बत हिलाए तो बात है
कुछ पर्बत हिलाए (तो बात है)
(कुछ पर्बत हिलाए तो बात है)

(एक, दो कभी ना रो)
(तीन, चार रखना प्यार)
(पांच, छह मिल के रह)
(सात, आठ पढ़ ले पाठ)

(एक, दो कभी ना रो)
(तीन, चार रखना प्यार)
(पांच, छह मिल के रह)
(सात, आठ पढ़ ले पाठ)



Credits
Writer(s): Salim Merchant, Sulaiman Merchant, Amitabh Bhattacharya
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