Eid Ke Din Sab Milenge

ईद के दिन सब मिलेंगे
अपने-अपने यार से
हम गले मिल-मिल के रोएँगे
दर-ओ-दीवार से
ईद का दिन तेरे बिन है फ़ीका
आजा-आजा के दिन है ख़ुशी का
हम अकेले और ये मेले
ईद है और तेरी याद है

चाँद निकला ना मेरी ख़ुशी का
ईद कैसी जो ग़म हो किसी का
मैं क़फ़स में, ग़म के बस में
ज़िंदगी मेरी बर्बाद है
ईद मिल जा के दिल का मिटे ग़म
जाने अगले बरस हो ना हो हम
कुछ भरोसा नहीं ज़िंदगी का

ईद का दिन तेरे बिन है फ़ीका
आजा-आजा के दिन है ख़ुशी का
हम अकेले और ये मेले
ईद है और तेरी याद है
ईद है और मजबूरियाँ हैं
क्या करूँ, यार से दूरियाँ हैं
आज दिन है बड़ी बेकसी है

ईद कैसी जो ग़म हो किसी का
चाँद निकला ना मेरी ख़ुशी का
मैं क़फ़स में, ग़म के बस में
ज़िंदगी मेरी बर्बाद है

ईद का दिन तेरे बिन है फ़ीका
आजा-आजा के दिन है ख़ुशी का
हम अकेले और ये मेले
ईद है और तेरी याद है



Credits
Writer(s): Naushad Ali, Shakeel Badayuni
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link