Woh Chand Jaisi Ladki

वो चाँद जैसी लड़की इस दिल पे छा रही है
वो चाँद जैसी लड़की इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चाँद, वो चाँद...
वो चाँद जैसी लड़की इस दिल पे छा रही है

अल्हड़ सी भोली-भाली, मासूम ये शरारत
बदली नहीं है अब तक बचपन की उसकी आदत
तड़पा रही हैं यादें, हो जाऊँ ना, ना हो जाऊँ
हो जाऊँ ना मैं पागल

आ जाए सामने वो, ये जान जा रही है
वो, वो...
वो चाँद जैसी लड़की इस दिल पे छा रही है

मेरा चाँद बादलों में क्यूँ जा के खो गया है?
अब दूर इस क़दर वो क्यूँ मुझ से हो गया है?
क्यूँ जी रहा हूँ तन्हा, ये याद भी नहीं है

बस इतना याद है कि वो याद आ रही है
वो चाँद, वो चाँद...
वो चाँद जैसी लड़की इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है

वो चाँद...
वो चाँद जैसी...



Credits
Writer(s): Nusrat Badr, Mohammed Ismail Hussain Miya Darbar
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