Kaun Hoon Main

अनजानी सी ख़ाहिश है
अनजाना है अफ़साना
ना मेरी कोई मंज़िल है
ना कोई है ठिकाना

ओ, अनजानी सी ख़ाहिश है
अनजाना है अफ़साना
ना मेरी कोई मंज़िल है
ना कोई है ठिकाना

कौन हूँ मैं? किस की मुझे तलाश?
कौन हूँ मैं? किस की मुझे तलाश?
इन सूनी-सूनी तनहा राहों पर

(Who am I?)
(Who, who am I?)

बहके-बहके से पलछिन हैं
होश में भी मदहोशी है
मुझको सुनाई देती है
ये कैसी ख़ामोशी है?

(Who, who am I?)
बहके-बहके से पलछिन हैं
होश में भी मदहोशी है
मुझको सुनाई देती है
ये कैसी ख़ामोशी है?

कौन हूँ मैं? किस की मुझे तलाश?
कौन हूँ मैं? किस की मुझे तलाश?
इन सूनी-सूनी तनहा राहों पर

कोई भी तो जाने ना
आलम मेरी तनहाई का
पीछा करता रहता हूँ
मैं तो अपनी परछाई का

कोई भी तो जाने ना
आलम मेरी तनहाई का
पीछा करता रहता हूँ
मैं तो अपनी परछाई का

कौन हूँ मैं? किस की मुझे तलाश?
कौन हूँ मैं? किस की मुझे तलाश?
इन सूनी-सूनी तनहा राहों पर



Credits
Writer(s): Sachin Gupta, Sameer
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