Kabhi Neem Neem

कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद
कभी नरम-नरम, कभी सख्त-सख्त
कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद
कभी नरम-नरम, कभी सख्त-सख्त
मोरा पिया, मोरा पिया, मोरा पिया, हो

नज़रों के तीर में बसा है प्यार
जब भी चला है वो दिल के पार
नज़रों के तीर में बसा है प्यार
जब भी चला है वो दिल के पार

लज्जा से मरे रे ये जिया
पिया, लज्जा से मरे रे ये जिया
पिया रे, लज्जा से मरे रे ये जिया

शोंधा की ये लाली मुख चमकाए
सौंधी-सौंधी खुशबू मन बहकाए
ज़ुल्फ़ों की रैना फिर क्यूँ ना छाए?
हो, चाँद-सितारे देखेंगे सारे
चाँद-सितारे देखेंगे सारे

लज्जा से मरे रे ये जिया
पिया, लज्जा से मरे रे ये जिया

कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद
कभी नरम-नरम, कभी सख्त-सख्त
कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद
कभी नरम-नरम, कभी सख्त-सख्त
मोरा पिया, मोरा पिया, मोरा पिया, हो

बोईरागी मन तेरा है साहेब जी
मेरे सीने में है कैद वो अब जी
प्रीत की रखो लाज, ऐ मेरे रब जी
हो, रुसवा हुई तो, दुनिया हँसी तो
रुसवा हुई तो, दुनिया हँसी तो

लज्जा से मरे रे ये जिया
पिया, लज्जा से मरे रे ये जिया

कभी नीम-नीम, कभी शहद-शहद
कभी नरम-नरम, कभी सख्त-सख्त
मोरा पिया, मोरा पिया, मोरा पिया

नज़रों के तीर में बसा है प्यार
जब भी चला है वो दिल के पार
नज़रों के तीर में बसा है प्यार
जब भी चला है वो दिल के पार

लज्जा से मरे रे ये जिया
पिया, लज्जा से मरे रे ये जिया
पिया रे, लज्जा से मरे रे ये जिया



Credits
Writer(s): Mehboob
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link