Haath Chhute Bhi To Rishtey Nahi Chhoda Karte

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते
हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते

जिसकी आवाज़ में सिलवट हो, निगाहों में शिकन
जिसकी आवाज़ में सिलवट हो, निगाहों में शिकन
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नहीं जोड़ा करते
ऐसी तस्वीर के टुकड़े नहीं जोड़ा करते

शहद जीने का मिला करता है थोड़ा-थोड़ा
शहद जीने का मिला करता है थोड़ा-थोड़ा
जानेवालों के लिए दिल नहीं थोड़ा करते
जानेवालों के लिए दिल नहीं थोड़ा करते

लगके साहिल से जो बहता है उसे बहने दो
लगके साहिल से जो बहता है उसे बहने दो
ऐसे दरिया का कभी रुख नहीं मोड़ा करते
ऐसे दरिया का कभी रुख नहीं मोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हें नहीं तोड़ा करते
हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते



Credits
Writer(s): Gulzar, Jagjit Singh
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