Tumhein Hum Kya Samajhte

तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें

तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें

तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें
ख़ुदा का डर ना हो अगर...
ख़ुदा का डर ना हो अगर तो कह दें "ख़ुदा" तुम्हें

तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें
ख़ुदा का डर ना हो अगर तो कह दें "ख़ुदा" तुम्हें
तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें

अगर शक़ हो मोहब्बत में, हमें तुम आज़माओ
कोई भी इम्तिहाँ ले लो, मेरे नज़दीक आओ
अगर शक़ हो मोहब्बत में, हमें तुम आज़माओ
कोई भी इम्तिहाँ ले लो, मेरे नज़दीक आओ

दिल की बेताबियाँ और बढ़ने लगीं
दर्द थमने लगा, प्यास जगने लगी

तड़प उठा हमारा दिल जो देखा ख़फ़ा तुम्हें
तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें

तुम्हारा नाम लिख-लिख कर जो होंठों से लगाएँ
कोई ख़ुशबू उठे दिल में, बहारें मुस्कुराएँ
तुम्हारा नाम लिख-लिख कर जो होंठों से लगाएँ
कोई ख़ुशबू उठे दिल में, बहारें मुस्कुराएँ

तुमसे मिल कर, सनम, हमको ऐसा लगा
दिल में धड़के हो तुम धड़कनों की तरह

नहीं कर सकती मौत भी इस दिल से जुदा तुम्हें
तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें
ख़ुदा का डर ना हो अगर तो कह दें "ख़ुदा" तुम्हें
तुम्हें हम क्या समझते हैं, ये क्या पता तुम्हें



Credits
Writer(s): Anu Malik, Faaiz Anwar
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