Baadalon Mein Chup Raha Chand (From "Phir Teri Kahani Yaad Aayee")

बादलों में छुप रहा है चाँद क्यों?
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी हुई है मांद क्यों?
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो

बादलों में छुप रहा है चाँद क्यों?
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी हुई है मांद क्यों?
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो

मेरी हसरतों पे बेख़ुदी सी छा गई
तुमको देख कर निगाह लड़खड़ा गई
मेरी हसरतों पे बेख़ुदी सी छा गई
तुमको देख कर निगाह लड़खड़ा गई
निगाह लड़खड़ा गई
निगाह लड़खड़ा गई
निगाह लड़खड़ा गई
हो रहा हूँ मैं नशे में चूर क्यों?
झूमती हुई फज़ा से पूछ लो
हो रहा है बेपिये सुरूर क्यों?
मेरी ज़ुल्फ़ की घटा से पूछ लो

बादलों में छुप रहा है चाँद क्यों?
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी हुई है मांद क्यों?
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो

दूर मुझसे ग़म है और खुशी क़रीब है
आज मेरा प्यार कितना खुशनसीब है
दूर मुझसे ग़म है और खुशी क़रीब है
आज मेरा प्यार कितना खुशनसीब है
कितना खुशनसीब है
कितना खुशनसीब है
कितना खुशनसीब है
झूमता है मेरा अंग-अंग क्यूँ?
अपनी रूह की सदा से पूछ लो
बज रहे है दिल में जल तरंग क्यूँ?
गीत छेड़ती हवा से पूछ लो

बादलों में छुप रहा है चाँद क्यों?
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी हुई है मांद क्यों?
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो



Credits
Writer(s): Anu Malik, Qatil Shifai
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link