Na Bole Tum Na Maine Kuchh Kaha - From "Baton Baton Mein"

ना बोले तुम, ना मैंने कुछ कहा, कहा
मगर ना जाने ऐसा क्यूँ लगा, लगा
कि धूप में खिला है चाँद, दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे-सुने ही बात हो गई

ना बोले तुम, ना मैंने कुछ कहा, कहा
मगर ना जाने ऐसा क्यूँ लगा, लगा
कि धूप में खिला है चाँद, दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे-सुने ही बात हो गई

बदल रही है ज़िंदगी, बदल रहे हैं हम
थिरक रहे हैं जाने आज क्यूँ मेरे कदम
मेरे कदम, मेरे कदम
किसी को हो ना हो, मगर हमें तो है पता

ना बोले तुम, ना मैंने कुछ कहा, कहा
मगर ना जाने ऐसा क्यूँ लगा, लगा
कि धूप में खिला है चाँद, दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे-सुने ही बात हो गई

घुली सी आज साँसों में किसी की साँस है
साँस है, साँस है
ये कौन आज दिल के मेरे आस-पास है?
ये धीरे-धीरे हो रहा है प्यार का नशा

ना बोले तुम, ना मैंने कुछ कहा (कहा), कहा (कहा)
मगर ना जाने ऐसा क्यूँ लगा (लगा), लगा (लगा)
कि धूप में खिला है चाँद, दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे-सुने ही बात हो गई

ये लग रहा है सारी उलझनें सुलझ गईं
सुलझ गईं, सुलझ गईं
ये धड़कनों की बात धड़कनें समझ गईं
ना बोलिए कि बोलने को कुछ नहीं रहा

ना बोले तुम, ना मैंने कुछ कहा, कहा
मगर ना जाने ऐसा क्यूँ लगा, लगा
कि धूप में खिला है चाँद, दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे-सुने ही बात हो गई



Credits
Writer(s): Yogesh, Nagrath Rajesh Roshan
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