Aanchal Hamara

क्यों ाचल हमारा गिरा जा रहा है
क्यों शोला दिलो में बढ़ा जा रहा है
क्यों ाचल हमारा गिरा जा रहा है
क्यों शोला दिलो में बढ़ा जा रहा है
हमें यु न देखो ओ मेरे सनम
आने लगी जाने मुझे क्यों शर्म
क्यों ाचल हमारा गिरा जा रहा है
क्यों शोला दिलो में बढ़ा जा रहा है
हमें यु न देखो ओ मेरे सनम
आने लगी जाने मुझे क्यों शर्म

नाजुक से दिल में क्यों शामा पिघलती है
सर्द हवाओ में गर्मी सी लगती है
नाजुक से दिल में क्यों शामा पिघलती है
सर्द हवाओ में गर्मी सी लगती है
क्यों ाचल हमारा गिरा जा रहा है
क्यों शोला दिलो में बढ़ा जा रहा है
हमें यु न देखो ओ मेरे सनम
आने लगी जाने मुझे क्यों शर्म

प्यासी जवानी है रुत ये सुहानी है
और मेरे गालों पे शबनम का पानी है
प्यासी जवानी है रुत ये सुहानी है
और मेरे गालों पे शबनम का पानी है
बाहों में ले लो न मुझको सनम
आ अब दूरि मिटायेंगे हम
क्यों ाचल हमारा गिरा जा रहा है
क्यों शोला दिलो में बढ़ा जा रहा है
हमें यु न देखो ओ मेरे सनम
आने लगी जाने मुझे क्यों शर्म



Credits
Writer(s): Lalitraj Pratapnarayan Lalit, Rani Malik
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