Aa Bhagwan Ke Ghar Aa

आ, भगवान के घर आ
आ, भगवान के घर आ

वो जब तेरे साथ है तो फिर...
वो जब तेरे साथ है तो फिर डर किस बात का

आ, भगवान के घर आ
आ, भगवान के घर आ

ज़ालिम के हाथ में नहीं तक़दीर किसी की
...तक़दीर किसी की
(ज़ालिम के हाथ में नहीं तक़दीर किसी की)
ये प्यार नहीं होता है जागिर किसी की

अंत सदा होता है...
अंत सदा होता है हर काली रात का

आ, भगवान के घर आ
आ, भगवान के घर आ

(ॐ नमः शिवाय)
(ॐ नमः शिवाय)

जो दूसरों को दर्द दे, इंसान नहीं है
...वो इंसान नहीं है
(जो दूसरों को दर्द दे, इंसान नहीं है)
वो तेरी किसी बात से अंजान नहीं है

चलती रही हवाएँ...
चलती रही हवाएँ दीया फिर भी जलेगा

आ, भगवान के घर आ
आ, भगवान के घर आ

पापी को अपने पाप पे पछताना पड़ेगा, पछताना पड़ेगा
पापी को अपने पाप पे पछताना पड़ेगा
भगवान की शरण में उसको आना पड़ेगा
(भगवान की शरण में उसको आना पड़ेगा)

उसकी सज़ा से बच ना सकेगा ज़ुल्म किसी का

(आ, भगवान के घर आ) हो
आ, भगवान के घर आ

वो जब तेरे साथ है तो फिर...
वो जब तेरे साथ है तो फिर डर किस बात का

आ, भगवान के घर आ
(आ, भगवान के घर आ)

आ, भगवान के घर आ
(आ, भगवान के घर आ)

आ, भगवान के घर आ



Credits
Writer(s): Laxmikant Kudalkar, Sharma Pyarelal, Santosh Anand
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