Deewane Hoke Hum

दीवाने हो के हम मिलने लगे सनम
जब से जुड़े हैं सिलसिले
आँखों से रूठ कर नींदें चली गई
ना जाने कैसे गुल खिले

ना जाने कैसे प्यार हुआ, ना जाने कब इक़रार हुआ
के अपनी बात बन गई

दीवाने हो के हम मिलने लगे सनम
जब से जुड़े हैं सिलसिले

धड़कता है दिल तुम्हारे लिए
ऐ हुस्न-ए-जाँ ज़रा सोचिए
हाँ, ये क्या दिल्लगी, ये क्या है सितम
आए अभी, अभी चल दिए

मिटेंगे कैसे ये फ़ासले?

दीवाने हो के हम मिलने लगे सनम
जब से जुड़े हैं सिलसिले
आँखों से रूठ कर नींदें चली गई
ना जाने कैसे गुल खिले

मुक़द्दर मेरा सँवर जाने दो
दिल जो कहे वो कर जाने दो
हो, मेरी बाहों में चले आओ तुम
हद से मुझे गुज़र जाने दो

के आओ लगा लूँ तुमको गले

दीवाने हो के हम मिलने लगे सनम
जब से जुड़े हैं सिलसिले
आँखों से रूठ कर नींदें चली गई
ना जाने कैसे गुल खिले
ना जाने कैसे प्यार हुआ, ना जाने कब इक़रार हुआ
के अपनी बात बन गई



Credits
Writer(s): Nikhil-vinay, Faaiz Anwar
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