Dhire Dhire Machal (From "Anupama")

धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार
कोई आता है
यूँ तड़प के न तड़पा मुझे बारबार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार

उसके दामन की ख़ुशबू हवाओं में है
उसके कदमों की आहट फ़ज़ाओं में है
उसके दामन की ख़ुशबू हवाओं में है
उसके कदमों की आहट फ़ज़ाओं में है
मुझको करने दे, करने दे १६ सिंगार

कोई आता है
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार

मुझको छुने लगी उसकी परछाइयाँ
दिल के नज़दीक बजती हैं शहनाइयाँ
मुझको छुने लगीं उसकी परछाइयाँ
दिल के नज़दीक बजती हैं शहनाइयाँ
मेरे सपनों के आँगन में गाता है प्यार

कोई आता है
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार

रूठके पहले जी भर सताऊँगी मैं
जब मनाएंगे वो, मान जाऊँगी मैं
रूठके पहले जी भर सताऊँगी मैं
जब मनाएंगे वो, मान जाऊँगी मैं
दिल पे रहता है ऐसे में कब इख्तियार

कोई आता है
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार
कोई आता है
यूँ तड़प के न तड़पा मुझे बारबार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल ऐ दिल-ए-बेक़रार



Credits
Writer(s): Hemant Kumar, Kaifi Azmi
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