Mujhe Khabar Thi

मुझे ख़बर थी, वो मेरा नहीं, पराया था
मुझे ख़बर थी, वो मेरा नहीं, पराया था
पर धड़कनों ने उसी को ख़ुदा बनाया था
मुझे ख़बर थी, वो मेरा नहीं, पराया था

मैं ख़ाब-ख़ाब जिसे ढूँढता फिरा बरसों
मैं ख़ाब-ख़ाब जिसे ढूँढता फिरा बरसों
वो अश्क़-अश्क़ मेरी आँख में समाया था
वो अश्क़-अश्क़ मेरी आँख में समाया था

पर धड़कनों ने उसी को ख़ुदा बनाया था
मुझे ख़बर थी, वो मेरा नहीं, पराया था

तेरा क़ुसूर नहीं, जान, मेरी तनहाई
तेरा क़ुसूर नहीं, जान, मेरी तनहाई
तेरा क़ुसूर नहीं, जान, मेरी तनहाई

ये रोग मैंने ही...
ये रोग मैंने ही ख़ुद जान को लगाया था
ये रोग मैंने ही ख़ुद जान को लगाया था

पर धड़कनों ने उसी को ख़ुदा बनाया था
मुझे ख़बर थी, वो मेरा नहीं, पराया था

तमाम शहर में एक वो है अजनबी मुझ से
तमाम शहर में एक वो है अजनबी मुझ से
कि जिस ने गीत मेरा शहर को सुनाया था
कि जिस ने गीत मेरा शहर को सुनाया था

पर धड़कनों ने उसी को ख़ुदा बनाया था
मुझे ख़बर थी, वो मेरा नहीं, पराया था
मुझे ख़बर थी, वो मेरा नहीं, पराया था



Credits
Writer(s): Mayuresh Pai, Farat Shahzad
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