Phir Bhi Dil Hai Hindustani

हम लोगों को समझ सको तो...
हम लोगों को समझ सको तो समझो, दिलबर-जानी
जितना भी तुम समझोगे, उतनी होगी हैरानी

हम लोगों को समझ सको तो समझो, दिलबर-जानी
जितना भी तुम समझोगे, उतनी होगी हैरानी
अपनी छतरी तुमको दे दें कभी जो बरसे पानी
कभी नए packet में बेचें तुमको चीज़ पुरानी

फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

थोड़े अनाड़ी हैं, थोड़े खिलाड़ी
रुक-रुक के चलती है अपनी गाड़ी
थोड़े अनाड़ी हैं, थोड़े खिलाड़ी
रुक-रुक के चलती है अपनी गाड़ी
हमें प्यार चाहिए और कुछ पैसे भी
हम ऐसे भी हैं, हम हैं वैसे भी

हम लोगों को समझ सको तो समझो, दिलबर-जानी
उल्टी-सीधी जैसी भी है, अपनी यही कहानी
थोड़ी हम में होशियारी है, थोड़ी है नादानी
थोड़ी हम में सच्चाई है, थोड़ी बेईमानी

(फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)
(फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)
(फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)
(फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)

आँखों में कुछ आँसू हैं, कुछ सपने हैं
आँसू और सपने दोनों ही अपने हैं
आँखों में कुछ आँसू हैं, कुछ सपने हैं
आँसू और सपने दोनों ही अपने हैं
दिल दुखा है, लेकिन टूटा तो नहीं है
उम्मीद का दामन छूटा तो नहीं है

हम लोगों को समझ सको तो समझो, दिलबर-जानी
थोड़ी मजबूरी है, लेकिन थोड़ी है मनमानी
थोड़ी तू-तू मैं-मैं है और थोड़ी खींचा-तानी
हम में काफ़ी बातें हैं जो लगती हैं दीवानी

हो, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

(दिल है हिंदुस्तानी)
(फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)
(फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)
(फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)



Credits
Writer(s): Javed Akhtar, Jatin Pandit, Lalitraj Pandit
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