Tauba Tauba

खुद से जंग लड़ता हूँ
रब से ये कहता हूँ
चारों ओर जो होता है
उससे मैं गुस्सा हूँ

तौबा-तौबा नफ़्स मग़रूर है
तौबा-तौबा सच से दूर है
तौबा-तौबा दिल बेनूर है
तौबा-तौबा कैसा दौर है

खुद से जंग लड़ता हूँ (सच है)
रब से ये कहता हूँ (सच है)
चारों ओर जो होता है (सच है)
उससे मैं गुस्सा हूँ (सच है)

तौबा-तौबा नफ़्स मग़रूर है
तौबा-तौबा सच से दूर है
तौबा-तौबा दिल बेनूर है
तौबा-तौबा कैसा दौर है

कब आएगा, वक़्त वो नया?
कब पाएंगे, सब दिल की आजादी को?
कब आएगी वो प्यारी-प्यारी एक सुबह?

दौलत बढ़ती है रोज़ तो अमीरों की ही
भूख बढ़ती है रोज़ ही ग़रीबों की
वादों से तर-जुबां वक़्त मिलते ही पर
गूंगी हो जाती है उन रहबरों की

चलते हैं आकड़ जगह ज़मीं पे
भूलें, के जाना है एक दिन इस ज़मीं में
धब्बा है धब्बा, ये जैसे चाँद पे धब्बा
धोका ये धोका, देते हैं खुद को धोका

तौबा-तौबा नफ़्स मग़रूर है
तौबा-तौबा सच से दूर है
तौबा-तौबा दिल बेनूर है
तौबा-तौबा कैसा दौर है

सोचो-सोचो ज़रा काफ़ी है एक शमा
जिससे जल उठती है यहाँ लाखों शमा
सारी दुनिया बदल जाएगी यारों पर
है जरूरी बदलना बस एक काम

मुस्कुरा के देखना भी नेकी लोगों की
राहों से पत्थर हटा लाने की
सजदा तू सजदा, दुनियाँ को ना कर सजदा
सजदा हो सजदा, बस ना मैं खुदा का सजदा

तौबा-तौबा नफ़्स मग़रूर है
तौबा-तौबा सच से दूर है
खुद से जंग लड़ता हूँ

रब से ये कहता हूँ
चारों ओर जो होता है
उससे मैं गुस्सा हूँ



Credits
Writer(s): Javed Akhtar, A Rahman
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