Koi Chupke Se Aake

चुपके से आके

कोई चुपके से आके
सपने सुला के, मुझको जगा के
बोले कि "मैं आ रहा हूँ"
कौन आए, ये मैं कैसे जानूँ

कोई चुपके से आके
सपने सुला के, मुझको जगा के
बोले कि "मैं आ रहा हूँ"
कौन आए, ये मैं कैसे जानूँ

कोई चुपके से आके

दूर कहीं बोले पपीहा
"पिया आ, मौसम सुहाना
तरसे है कोई यहाँ
आ भी जा करके बहाना"

कौन सा बहाना, कैसा बहाना
कितना मुश्किल है ये बताना
देखो फिर भी कोई भा रहा है
कौन भाए, ये मैं कैसे जानूँ

कोई चुपके से आके
सपने सुला के, मुझको जगा के
बोले कि "मैं आ रहा हूँ"
कौन आए, ये मैं कैसे जानूँ

कोई चुपके से आके

प्यासा है दिल का गगन
प्यार की अग्नि जलाए
पलकों में क़ैद है सावन
होंठों तक बात ना आए

बात आते-आते हो गई रात
चाहों की बारात छोड़ गई साथ
बात आते-आते हो गई रात
इतनी रात गए कैसे गाऊँ

देखो, फिर भी कोई गा रहा है
कौन गाए, ये में कैसे जानूँ

कोई चुपके से आके
सपने सुला के, मुझको जगा के
बोले कि "मैं आ रहा हूँ"
कौन आए, ये मैं कैसे जानूँ



Credits
Writer(s): Gulzar, Kanu Roy
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link