Ho Jaane Do Aar Paar

हो जाने दो आर-पार
आओ, कर लो चूर-चूर
मासूमों के आँसुओं को
पोंछेगा, पोंछेगा कौन?

आँधियों को रोकने वाला है सुल्तान
ज़ालिमों से रिहा करवाता है सुल्तान
आग का गोला बन के आओ यहाँ

आँधियों को रोकने वाला है सुल्तान
ज़ालिमों से रिहा करवाता है सुल्तान
आग का गोला बन के आओ यहाँ

शेर है, शमशीर है, शिकारी है
शेर है, शमशीर है, शिकारी है

मैं फिरती रही ढूँढते तुम जैसे वीर को
आओ, गुफ़्तगू कर लें
तुम जीते हो दिल मेरा, हर दम भी तुम मेरा
दिल में, याद में तुम ही हो

बिजली बन कर उन पे टूटो है सुल्तान
मौत बन कर सर पे बैठो है सुल्तान
आग का गोला बन के आओ यहाँ

बिजली बन कर उन पे टूटो है सुल्तान
मौत बन कर सर पे बैठो है सुल्तान
आग का गोला बन के आओ यहाँ

शेर है, शमशीर है, शिकारी है
शेर है, शमशीर है, शिकारी है



Credits
Writer(s): Ravi Basrur, Nagendra Prasad
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