Mujhe Mere Haal Pe Chhod Do

मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो

मेरा दिल अगर कोई दिल नहीं
उसे मेरे सामने तोड़ दो
उसे मेरे सामने तोड़ दो
मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए

मैं ये भूल जाऊँगा ज़िंदगी
कभी मुस्कुराई थी प्यार में

मैं ये भूल जाऊँगा ज़िंदगी
कभी मुस्कुराई थी प्यार में
मैं ये भूल जाऊँगा मेरा दिल
कभी खिल उठा था बहार में

जिन्हें इस जहाँ ने भुला दिया
मेरा नाम उनमें ही जोड़ दो
मेरा नाम उनमें ही जोड़ दो

मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए

तुम्हें अपना कहने की चाह में
कभी हो सके ना किसी के हम

तुम्हें अपना कहने की चाह में
कभी हो सके ना किसी के हम
यही दर्द मेरे जिगर में है
मुझे मार डालेगा बस ये ग़म

मैं वो गुल हूँ जो ना खिला कभी
मुझे क्यूँ ना शाख़ से तोड़ दो
मुझे क्यूँ ना शाख़ से तोड़ दो

मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो
मुझे तुमसे कुछ भी ना चाहिए



Credits
Writer(s): Shailendra, Jaikshan Shankar
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